खुद को कर बुलंद इतना की
चाहे कोई बोले तुझे, तू बुरा ना माने...
चाहे कोई मरोड़े तुझे, तू अपना बुरा हाल ना करे...
खुद को कर बुलंद इतना की
चाहे इंसान टोके तुझे, तेरे आखो सें आँसू ना टपके...
चाहे तक़दीर टोके तुझे, तेरी जिद ना टूटे...
खुद को कर बुलंद इतना की
चाहे हो स्वास्थ्य कमजोर, पर तू अपना मन ना कमजोर करे...
चाहे हो पैसों से हालात ख़राब, तू अपनी नियत ना ख़राब करे...
खुद को कर बुलंद इतना की
चाहे हो तू परीक्षा में विफल, पर तू लक्ष्य में ना विफल हो...
चाहे हो तेरा लक्ष्य विफल, पर तू जिंदगी में ना विफल हो...
खुद को कर बुलंद इतना की
चाहे तेरे अपने टूटे, तू अपनेपन को ना तोडे...
चाहे तेरा सपना टूटें, तू अपने आप को ना तोडे...
खुद को कर बुलंद इतना की
चाहे कोई रोके तुझे, तू ना थमें...
चाहे कोई तोड़े तुझे, तू ना टूटे...
चाहे जो हो जायें, बस.... तू हार ना माने...
- प्रतिक्षा कुलकर्णी

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